स्वाति मिश्रा को मिली एमबीबीएस की डिग्री : बचपन से बनना चाहती थी डॉक्टर, आसान नहीं था 5 सालों का सफर
स्वाति मिश्रा को मिली एमबीबीएस की डिग्री : बचपन से बनना चाहती थी डॉक्टर, आसान नहीं था 5 सालों का सफर
राजनांदगाव शहर की होनहार बेटी स्वाति मिश्रा ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर ली है। दो साल के अथक प्रयास के बाद उन्होंने नीट एग्जाम को क्रेक किया और डॉक्टर डी वाय पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया।

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव शहर की होनहार बेटी स्वाति मिश्रा ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर ली है। डॉक्टर डी वाय पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी पुणे में आयोजित एक समारोह में उन्हें यह डिग्री प्रदान की गयी है। वे अपने घर की पहली डॉक्टर हैं, उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार में काफी उत्साह और खुशी की लहर है।
स्वाति शुरू से ही मेघावी छात्रा रही हैं, उन्होंने शुरूआती पढाई-लिखाई शहर के नीरज पब्लिक स्कूल से की।जहां कक्षा 12 वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने के बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा। जिसके बाद वो निकल पड़ी नीट एग्जाम की तैयारी में राजस्थान के कोटा। जहां तक़रीबन दो साल के अथक प्रयास के बाद उन्होंने नीट एग्जाम को क्रेक किया और डॉक्टर डी. वाय. पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। 5 सालों की कड़ी पढाई के बाद उनका सपना पूरा हुआ और वो डॉक्टर बनी। स्वाति मिश्रा दो भाइयों में सबसे बड़ी हैं और उनके पिता जितेंद्र मिश्रा शहर के नवभारत के ब्यूरो चीफ और एक वरिष्ठ पत्रकार हैं।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और इसरो के चेयरमैन सोमनाथ रहे उपस्थित
इस आयोजन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, इसरो के चेयरमेन श्री सोमनाथ और सेम्बियोसिस के फाउंडर व प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉक्टर एस बी मजूमदार सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।
राजनांदगाव शहर की होनहार बेटी स्वाति मिश्रा ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर ली है। दो साल के अथक प्रयास के बाद उन्होंने नीट एग्जाम को क्रेक किया और डॉक्टर डी वाय पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया।

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगाव शहर की होनहार बेटी स्वाति मिश्रा ने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर ली है। डॉक्टर डी वाय पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी पुणे में आयोजित एक समारोह में उन्हें यह डिग्री प्रदान की गयी है। वे अपने घर की पहली डॉक्टर हैं, उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार में काफी उत्साह और खुशी की लहर है।
स्वाति शुरू से ही मेघावी छात्रा रही हैं, उन्होंने शुरूआती पढाई-लिखाई शहर के नीरज पब्लिक स्कूल से की।जहां कक्षा 12 वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास करने के बाद उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा। जिसके बाद वो निकल पड़ी नीट एग्जाम की तैयारी में राजस्थान के कोटा। जहां तक़रीबन दो साल के अथक प्रयास के बाद उन्होंने नीट एग्जाम को क्रेक किया और डॉक्टर डी. वाय. पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। 5 सालों की कड़ी पढाई के बाद उनका सपना पूरा हुआ और वो डॉक्टर बनी। स्वाति मिश्रा दो भाइयों में सबसे बड़ी हैं और उनके पिता जितेंद्र मिश्रा शहर के नवभारत के ब्यूरो चीफ और एक वरिष्ठ पत्रकार हैं।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और इसरो के चेयरमैन सोमनाथ रहे उपस्थित
इस आयोजन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, इसरो के चेयरमेन श्री सोमनाथ और सेम्बियोसिस के फाउंडर व प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉक्टर एस बी मजूमदार सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।
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